सरकार बिना सोचे-समझे कोई फैसला नहीं लेती, इंडस्ट्री और जनता सरकार पर भरोसा रखे-शाह

नई दिल्ली. अमित शाह ने कहा है कि नरेंद्र मोदी सरकार बिना सोचे-समझे कोई फैसला नहीं लेती, इंडस्ट्री और जनता सरकार पर भरोसा रखे। शाह ने कहा- हमारी सरकार सिक्के के दोनों पहलु देखकर ही कोई भी फैसला करती है। इसलिए, मैं कहता हूं कि भरोसा रखना रखिए। बीजेपी चीफ ने एक प्रोग्राम के दौरान कहा- सरकार देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का काम करके रहेगी और भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती इकोनॉमी बनने से कोई नहीं रोक सकता। 

- शाह शनिवार को फिक्की के एक प्रोग्राम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कहा- मोदी सरकार देश के विकास और इसे नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए काम कर रही है। हम भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली इकोनॉमी बनाना चाहते हैं। इंडस्ट्री और जनता को नरेंद्र मोदी सरकार पर भरोसा रखना चाहिए। 

- शाह ने कहा, मोदी की लीडरशिप में कोई भी ताकत भारत को दुनिया की सबसे तेजी से उभरती हुई इकोनॉमी बनने से नहीं रोक सकती। लेकिन, आपको भरोसा रखना होगा और रिफॉर्म्स के लिए जो कदम उठाए जा रहे हैं- उन्हें मानना होगा। कुछ लोग सहन करते हैं जबकि कुछ ऐसा नहीं कर पाते।

बदलाव पर नजर

- पिछले कुछ दिनों में जीडीपी ग्रोथ कम हुई। रोजगार के मौके भी ज्यादा नहीं बढ़े। अपोजिशन ने इसके लिए मोदी सरकार की आलोचना की। 

- शाह ने इन बातों का तो जिक्र नहीं किया लेकिन कहा, “हमारी सरकार सिर्फ रिफॉर्म्स पर रुकने वाली नहीं है। हम पूरी तरह बदलाव की बात करते हैं। हमें सिर्फ सोच को ही नहीं बदलना, हम चाहते हैं कि वर्किंग मॉड्यूल में भी बदलाव लाया जाएगा।”

- बीजेपी चीफ ने प्रोग्राम में मौजूद कारोबारियों को भरोसा दिलाया कि देश की इकोनॉमी के लिहाज से जो भी किया जा रहा है वो पूरे प्लान के तहत ही किया जा रहा है। शाह ने कहा- हम जो भी कदम उठाते हैं, उसके सभी पहलुओं पर पहले विचार कर लिया जाता है। बिना सोचे-विचारे कोई फैसला नहीं लिया जाता।

NPA का मुद्दा नाकामयाबी नहीं

- शाह ने कहा- NPA (नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स यानी वो कर्ज जो बैंक वसूल नहीं कर पाए हैं) के जो आंकड़े आए हैं, उन्हें सरकार की नाकामयाबी के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। हमारी सरकार ने इस पर काम करने की हिम्मत दिखाई है। कर्जदारों की लिस्ट बनाई गई है। आने वाले वक्त में इससे बैंकिंग सिस्टम में सुधार होगा। 

- बीजेपी चीफ ने माना कि NPA को लेकर कुछ टेम्परेरी दिक्कतें हैं। लेकिन, इससे इकोनाॅमी को नुकसान पहुंचाने वाली चीजों की पहचान हो सकेगी। 

- शाह ने कहा कि हमारी सरकार सिर्फ वाहवाही बटोरने के लिए काम नहीं करती, हमारा मकसद है कि जो कदम उठाए जा रहे हैं या जो फैसले लिए जा रहे हैं उनसे आने वाले वक्त में देश को फायदा हो। नोटबंदी इसकी एक मिसाल है। 

- उन्होंने आगे कहा- पॉलिटिकल पार्टियों को कैश में मिलने वाले डोनेशन को कम किया गया है। इससे मेरी पार्टी पर भी असर पड़ेगा।

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