मैं ऐसा पीएम हूं, जिसने वर्ल्ड बैंक की बिल्डिंग भी नहीं देखी है-मोदी

नई दिल्ली.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को इंडिया बिजनेस रिफॉर्म्स प्रोग्राम में शामिल हुए। उन्होंने कहा- "मैं ऐसा पीएम हूं, जिसने वर्ल्ड बैंक की बिल्डिंग भी नहीं देखी है, जबकि पहले वर्ल्ड बैंक को चलाने वाले लोग यहां बैठा करते थे। वे भारत की रैकिंग पर सवाल उठा रहे हैं। करना कुछ नहीं और जो कर रहा है उससे सवाल पूछे जा रहे हैं।" उन्होंने कहा- "बिजनेस करने में सुगमता जीवन में भी सुगमता लेकर आती है। भारत में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस इसी का नाम है। भारत आज वहां पहुंच चुका है, जहां से आगे बढ़ना और आसान है।"

- मोदी ने कहा- कुछ लोगों को भारत की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में 142 से 100वीं रैंकिंग समझ नहीं आती है। वर्ल्ड बैंक ने यह भी कहा था कि भारत की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैकिंग में जीएसटी के लागू करने के वक्त को शामिल नहीं किया गया है, इसके असर को अगले साल शामिल किया जाएगा।"

- कुछ लोगों को भारत की रैंकिंग में सुधार समझ नहीं आती है। उनको कोई फर्क नहीं पड़ता कि भारत की रैकिंग 100 हो गई है। इनमें कुछ लोग तो ऐसे हैं, जो वर्ल्ड बैंक में भी रह चुके हैं। वह भी भारत की रैंकिंग पर सवाल उठा रहे हैं। मैं ऐसे लोगों से कहना चाहता हूं यदि कानून सुधार किए जाते तो इसका क्रेडिट आपको मिलता। देश की स्थिति नहीं सुधरती है, लेकिन किया कुछ नहीं है, जो कर रहा है उस पर सवाल पूछ रहे हैं।" 

- "2004 में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की प्रोसेस 2004 में शुरू की थी। दरअसल यह अहम साल था। इसके बाद 2014 तक किसकी सरकार रही, यह सबको पता है। वर्ल्ड बैंक कि रैकिंग पर सवाल उठाने के बजाय मिल जुलकर न्यू इंडिया बनाने के लिए साथ मिलकर आग बढ़ें।"

सुधार को पचा नहीं पा रहे हैं कुछ लोग

- मोदी ने कहा- "हम तेजी से सुधार कर रहे हैं। हमारी निंदा करने वाले भी तेजी से हो रहे सुधार को देख नहीं पा रहे हैं। जीएसटी की दिक्कतों को दूर किया है। जीएसटी के कारण ही ईज ऑफ डूइंग बिजनस की स्थिति सुधरी। ईज ऑफ डूइंग बिजनस को लेकर भारत की रैकिंग में सुधार के बाद भी सोने का मन नहीं करता है। हम भारत को नॉलेज बेस्ड इकॉनमी बनाना चाहते हैं।"

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