केन्द्रीय बजट हेल्दी इण्डिया-वेल्दी इण्डिया की दिशा में महत्वपूर्ण कदम- डॉ. सेठिया

नई दिल्ली/चितौड़गढ़। प्रमुख चार्टड एकाउन्टेन्ट डॉ.(सीए) आई.एम. सेठिया ने केन्द्रीय वित मंत्री अरूण जेटली द्वारा गुरूवार को लोकसभा मे प्रस्तुत केन्द्रीय बजट को हेल्दी इण्डिया - वेल्दी इण्डिया (स्वस्थ भारत समर्थ भारत) की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। नई दिल्ली संसद भवन में ही प्रत्यक्ष बजट सुनने के पष्चात सेठिया ने बताया कि वित्त मंत्री ने बजट में लोक लुभावने एवं चुनावी बजट को प्राथमिकता नहीं देकर गरीब, किसान एवं ग्रामीण विकास के साथ-साथ वित्तीय पारदर्शिता, वीजन के साथ वित्तीय घाटा नियन्त्रण व विकास दर में वृद्वि को प्राथमिकता दी है। बजट में घोषित योजनाओं के सही क्रियान्वन से भारत की 160 लाख करोड की अर्थ व्यवस्था दुनिया की पांचवी बड़ी अर्थव्यवस्था की दौड़ में स्थापित होगी। यह प्रत्येक भारतवासी के लिए गर्व की बात होगी। 

 वित्त मंत्री ने दुनिया की सबसे बडी सरकारी बीमा योजना ‘‘आयुष्मान भारत’’ के माध्यम से देश की 40 प्रतिशत आबादी के मुफ्त ईलाज का बन्दोबस्त किया है वही किसान की आय को दुगनी करने की दिशा में समर्थन मूल्य में लागत से डेढ़ गुणा वृद्वि, आयकर कानून में ई-एसेसमेन्ट प्रक्रिया से भ्रष्टचार पर नियन्त्रण, 250 करोड़ टर्न ऑवर वाली कम्पनीयों पर 25 प्रतिशत दर को प्रभावी करना, स्मार्ट सीटी मिशन को अहमियत देकर 41 हजार 765 करोड़ का प्रावधान, उज्जवला योजना में 8 करोड ग्रामीण महिलाओं को गैस कनेक्शन, 70 लाख रोजगार सृजन की योजना, 600 रेल्वे स्टेशनों का आधुनीकीकरण एवं 2022 तक हर गरीब को आवास उपलब्ध कराने की योजना से न्यू इण्डिया का सपना साकार होने के साथ ही देष के आर्थिक विकास में अकल्पनीय वृद्वि हो सकेगी। कुल मिलाकर दीर्घकालीन दृष्टिकोण से भारत के हेल्दी इण्डिया-वेल्दी इण्डिया को समर्पित इस बजट से स्वस्थ व समर्थ भारत की कल्पना को वास्तविक रूप में साकार किया जा सकेगा। 

डॉ. सेठिया ने अच्छी अर्थव्यवस्था के लिए प्रस्तुत बजट को अति सराहनीय बताते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं वित्त मंत्री अरूण जेटली को आर्थिक जगत की ओर से बधाई प्रेषित की है। 

सहकारी बैंको पर आयकर मुक्ति के लिए केन्द्र सरकार विचार करे - विमला सेठिया

चितौड़गढ़ अरबन को-ऑपरेटिव बैंक लि. की अध्यक्ष विमला सेठिया ने केन्द्रीय बजट की सराहना करते हुए बजट को देश के विकास के लिए समर्पित बताया। बजट में सहकारी क्षेत्र के लिए की गई घोषणाओं व 1 करोड़ से अधिक की आय वाली सहकारी समितियों पर आयकर की दर      12 प्रतिशत करने का स्वागत किया एवं वित्त मंत्री से आग्रह करते हुए भारतीय जनता पार्टी के घोषणा पत्र में सम्मिलित सहकारी बैकों को आयकर की धारा 80-पी के तहत छूट को पुनः बहाल करने की मांग की, ताकि सहकारी बैंकों को प्रतिस्पर्धा के युग में मजबूती प्रदान की जा सकेगी।

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