नुवोको द्वारा 162 आंगनवाड़ी केंद्र गोद लेने का किया समझौता अनुबंध

साक्षर भारत की पहल

 

 

न्यूवोको द्वारा 162 आंगनवाड़ी केंद्र गोद लेने का किया समझौता अनुबंध

चित्तौड़गढ़़ @ जागरूक जनता। न्यूवोको की ‘साक्षर भारत’ पहल के अनुरूप सीमेंट प्लांट सीसीपी ने सरकार-प्रायोजित आईसीडीएस समेकित बाल विकास सेवा कार्यक्रम के तहत चलने वाले 162 आंगनवाड़ी केंद्रों को अपनाने और समर्थन करने के लिए राज्य सरकार के साथ समझौता अनुबंध पर महिला बाल विकास उपनिदेशक लक्ष्मी चरपोटा, उपाध्यक्ष सीसीपी राघवेंद्रराव जहांगीर ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर निम्बाहेड़ा के विकास अधिकारी भंवर लाल विश्नोई, उप महाप्रबंधक सीएसआर राजीव रंजन, वरिष्ठ प्रबंधक सीएसआर रवि प्रकाश, उपखण्ड अधिकारी चम्पालाल जीनगर, मौजूद थे। इस समझौता पत्र के मुताबिक, न्यूवोको, आईसीडीएस के सेवा घटकों में जरूरतों और संसाधनों के बीच पहचाने गए अंतर को भरने के लिए प्रशासन को मदद करेगा, जिसमें पोषण, पूर्व-विद्यालय शिक्षण, श्रमिकों की क्षमता निर्माण और समुदाय के सशक्तिकरण के कार्य किये जायेंगे। जिसके तहत क्षेत्र में मौजूद कई आंगनवाड़ी केन्द्रों को शामिल किया जाएगा जिनमें अरनोदा के 32 आंगनवाड़ी केन्द्र, केली में 25, कनेरा में 20, मंडालचरण में 34, बिनोता में 13 और निम्बाहेड़ा में 34 आंगनवाड़ी केन्द्र शामिल हैं। इस अवसर पर जहांगीर ने कहा कि देश में सबसे अधिक कुपोषित बच्चों की संख्या है, इसी कारण बच्चों की मौत भी बड़ी संख्या में होती है। ऐसे में निजी क्षेत्र की मदद, सार्वजनिक-निजी-साझेदारी मॉडल के तहत, कुछ नया काम करना महत्वपूर्ण हो जाता है। न्यूवोको द्वारा ‘डीएएमआरयू’ के माध्यम से, ग्रामीण राजस्थान में लगभग 9500 बच्चों और 3500 से अधिक किशोरियों व उनकी माताओं के जीवन को बेहतर करने का प्रयास किया जा सकेगा। उपखण्ड अधिकारी जीनगर ने न्यूवोको की इस पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि अगर बच्चों को उनके निर्धारित समय में आंगनवाड़ी में रहने का अवसर मिले तो उन्हें वे सीखने और खेलने के प्राकृतिक और आदर्श माध्यम मिलने से वे सक्षम हो सकेंगे। न्यूवोको की डीएएमआरयू पहल जिले के प्राथमिकता कार्यक्रम ‘प्रोजेक्ट उड़ान’ के अनुरूप है जिसमें बच्चों और उनकी मां के स्वास्थ्य पर ध्यान केन्द्रित किया जा रहा है। डीएएमआरयू कार्यक्रम को न्यूवोको की सीएसआर टीम द्वारा डिजाइन किया गया है ताकि आंगनवाड़ियों को आधुनिक खेल विद्यालयों में बदला जा सके। डीएएमआरयू का लक्ष्य है कि वंचित बच्चों की देखभाल की आवश्यकता के बारे में जागरुकता पैदा कर उनके स्वास्थ्य, शिक्षा और पोषण का बेहतर प्रबंध किया जाये। यह समझौता अनुबंध बच्चों के लिए पौष्टिक भोजन प्रदान करने के साथ ही मातृ एवं बाल मृत्यु दर में कमी लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

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