31 मार्च शनिवार यानि 84 साल बाद हनुमान जन्मोत्सव के दिन ग्रह नक्षत्रों का अद्भूत मिलन संयोग

हनुमानजी भगवान शिव के 11वें अवतार माने जाते हैं और वानरदेव के रूप में इस धरती पर रामभक्ति और राम कार्य सिद्ध करने के लिए अवतरित हुए | इस बार हनुमान जन्मोत्सव के दिन शनिवार , पूर्ण‍िमा तिथि,  हस्त नक्षत्र और ध्रुव योग रहेगा. साथ ही चन्द्र देव कन्या राशी और भगवान सूर्यनारायण मीन राशी पर रहेंगे  यह संयोग पहले 31 मार्च 1934 को बना थाजिसके बाद 31 मार्च 2018 को बनेगा  जब हनुमान जन्मोत्सव के दिन शनिवार , पूर्ण‍िमा तिथि,  हस्त नक्षत्र और ध्रुव योग होने के साथ साथ चन्द्र देव कन्या राशी और भगवान सूर्यनारायण मीन राशी पर विद्यमान थे | आगामी वर्षों में नक्षत्र योग का संयोग तो बन सकता  हैं किन्तु  शनिवार के साथ यह संयोग आगामी  82 वर्षों तक तक नही आयेगा | यदि आप पर शनि की साढ़े साती या ढैया चल रही है तो आपके लिए यह दिन और भी शुभ होगा. ज्योतिषशास्त्र के अनुसार सूर्य, शनि व राहु के दोषों के निवारण हेतु हनुमान आराधना विशेष मानी जाती है। चैत्र मास की पूर्णिमा पर हस्त नक्षत्र मिलने पर हनुमान जयंती का आध्यात्मिक प्रभाव बढ़ जाता है। इस दिन विशेष रूप से की गई हनुमान साधना रोग, शोक व दुखों को मिटाकर विशिष्ट फल देती है। इस दिन किये गये कुछ उपाय आपको पूरा फल देंगे.

मंगल होगा शांत मिलेगा हर सुख, करे ये उपाए

ग्रहों के सेनापति मंगल ग्रह को माना जाता है। ये शक्ति, ऊर्जा, आत्मविश्वास और पराक्रम के स्वामी हैं। शास्त्रानुसार मंगलदेव अग्नि तत्व प्रधान देवता हैं। मंगल मेष और वृश्चिक राशि के स्वामी हैं। ज्योतिषनुसार यह शनि की राशि मकर राशि में उच्च का प्रभाव देते हैं तथा चंद्रमा की राशि कर्क में नीच का प्रभाव देते हैं। मंगल ग्रह व्यक्ति को शारीरिक और आत्मिक बल प्रदान करते हैं। मंगल प्रधान वक्ती निर्णायक, नायक, योद्धा और अडिग होते हैं। एकादश रुद्रावतार हनुमान जी मंगल के अधिष्टाता हैं। राम भक्त हनुमान जी की पूजा-उपासना के लिए मंगलवार और शनिवार का दिन विशेष महत्व रखता है।

 

राशिनुसार उपाय -

मेष राशि: एकमुखी हनुमंत कवच का पाठ करें तथा हनुमान जी पर बूंदी चढ़ाकर गरीब बच्चों में बाटें। हनुमान मंदिर में अनार चढ़ाएं।

वृष राशि: रामचरितमानस के सुंदर-काण्ड का पाठ करें तथा हनुमानजी पर मीठा रोट चढ़ाकर बंदरों को खिलाएं। सात मंगलवार पक्षियों के लिए लाल मसूर रखें।

मिथुन राशि: रामचरितमानस के अरण्य-काण्ड का पाठ करें तथा हनुमानजी पर पान चढ़ाकर गाय को खिलाएं। हनुमान मंदिर में पीपल के पत्तों की माला चढ़ाएं।

कर्क राशि: पंचमुखी हनुमंत कवच का पाठ करें तथा हनुमानजी पर पीले फूल चढ़ाकर जलप्रवाह करें। हनुमान मंदिर से कलावा बंधवाएं।

सिंह राशि: रामचरितमानस के बाल-काण्ड पाठ करें तथा हनुमानजी पर गुड़ की रोटी चढ़ाकर भिखारी को खिलाएं। चार मंगलवार हनुमान मंदिर में जलेबी चढ़ाएं।

कन्या राशि: रामचरितमानस के लंका-काण्ड का पाठ करें तथा हनुमान मंदिर में शुद्ध घी के 6 दीपक जलाएं। तीन मंगलवार पीपल के नीचे चमेली के तेल का दीपक जलाएं। 

तुला राशि: रामचरितमानस के बाल-काण्ड का पाठ करें तथा हनुमानजी पर खीर चढ़ाकर गरीब बच्चों में बाटें। किसी सुहागिन को लाल साड़ी भेंट करें।

वृश्चिक राशि: हनुमान अष्टक का पाठ करें तथा हनुमानजी पर गुड़ वाले चावल चढ़ाकर गाय को खिलाएं। भिखारी को गुड़ का दान करें।

धनु राशि: रामचरितमानस के अयोध्या-काण्ड का पाठ करें तथा हनुमानजी पर शहद चढ़ाकर स्वयं प्रसाद ले गरीब बच्चों में गेहूं का दान करें।

मकर राशि: रामचरितमानस के किष्किन्धा-काण्ड का पाठ करें तथा हनुमानजी पर मसूर चढ़ाकर मछलियों को डालें। पूजा घर में लाल चंदन चढ़ाएं।

कुंभ राशि: रामचरितमानस के उत्तर-काण्ड का पाठ करें तथा हनुमानजी पर मीठी रोटियां चढ़ाकर भैसों को खिलाएं। हनुमान जी के चित्र की कर्पूर जलाकर आरती करें।

मीन राशि: हनुमंत बाहुक का पाठ करें तथा हनुमानजी के मंदिर में लाल रंग की ध्वजा या पताका चढ़ाएं। हनुमान जी के मंदिर से प्राप्त मौली घर के मुख्य द्वार पर बांधें।

 

 

 ज्योतिषाचार्य अक्षय शास्त्री

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