कामयाबी के छ: चरण

अपने कैरियर के रास्ते पर चलने से पहले इन छह चरणों का पालन जरूर करें । याद रखें कि आपका कैरियर जीवन भर का सवाल है। यह एक ऐसा फैसला होता है जो आपकी जिंदगी में सर्वाधिक महत्वपूर्ण हो सकता है।

खुद की पहचान

किसी भी कैरियर की योजना बनाने से पहले यह जरूरी है कि आप खुद को पहचाने।अक्सर हम खुद की क्षमता, कमजोरी और रुचियों के बारे में पूरी तरह जानकारी नहीं रखते। इसके लिए आपको आत्मनिरीक्षण करना होगा और खुद से कई तरह के सवाल करने होंगे। क्या मैं वास्तव में अच्छा हूं ? क्या मुझे लोगों से मिलना अच्छा लगता है ? क्या मुझे ऑफिस में बैठने वाला काम अच्छा लगता है ? या फिर मैं ऑफिस के बाहर का काम करना पसंद करता हूं ? क्या मैं एक ही तरह का काम आसानी से कर सकता हूं ? क्या मैं जल्दी बोर हो जाता हूं  और नई चुनौतियों की तलाश करने लगता हूं ? क्या मैं गणित में अच्छा हूं ? क्या मैं लिखने में बढ़िया हूं ? क्या मैं ऐसी नौकरी पसंद करूंगा जिसमें मुझे बहुत से लोगों के सामने बोलना पड़े ? क्या मुझे लोगों की मदद करना और उन्हें सलाह देना अच्छा लगता है ? ऐसे और भी कई सवाल । इस सभी के जवाबों से आप खुद को बेहतर ढंग से जानने लगेंगे यह आपकी केरियर योजना का पहला चरण है।

कैरियर के भिन्न अवसर तलाशें

दूसरा चरण यह है कि आप अपने कैरियर से जुड़े तमाम अवसरों की तलाश करें । इसके लिए आप ज्यादा से ज्यादा पढ़े , विभिन्न तरह के लोगों से मिले और इंटरनेट पर कैरियर की तलाश करें । आप कई तरह के सवालों के जवाब तलाशे, मसलन-काम किस तरह का है ? काम बेहतर ढंग से करने के लिए कौन सी विशेषताएं जरूरी है ? काम करते हुए अगले पाँच या दस सालों में तरक्की के कितने अवसर है ? किसी कैरियर की शुरुआत के लिए प्राथमिक योग्यताएं क्या होनी चाहिए ? इसके बदले में हमें क्या मिलने वाला है ? काम करने का माहौल कैसा है ? इन सवालों के जवाब आपको अपने कैरियर का सावधानी से व सही चुनाव करने में मदद करेंगे। अक्सर हम देखते हैं कि युवा साथी अपने कैरियर का चुनाव इस आधार पर करते हैं कि यार-दोस्त क्या कर रहे हैं ,वह इस पर ध्यान नहीं देते कि उनके लिए सही क्या है?

अपने लक्ष्य निर्धारित करें

एक बार अपने कैरियर योजना के पहले दो चरण सफलतापूर्वक पार के लिए तो आप एक कैरियर का चुनाव कर पाएंगे जो आपको सबसे ज्यादा मुफीद लगेगा । यह ऐसा कैरियर अवसर होगा जिसमें आपको अच्छा लगेगा, आपकी रुचि बढ़ेगी और आप उत्साह के साथ काम कर सकेंगे। इस चरण में आप के पास कम से कम दो विकल्प जरूर होना चाहिए ताकि अगर पहला कैरियर अवसर किन्ही कारणों से हाथ से निकल गया या पूरा नहीं हो पाया तो आप दूसरे पर काम कर सकें।

जरूरी ज्ञान और योग्यताएं हासिल करें

एक बार आपने अपने कैरियर का फैसला कर लिया तो अब जरूरत है उसमें स्थान बनाने की इसके लिए जरूरी है कि आप किस संस्थान में जाना चाहते हैं इसके बारे में जानकारी हासिल करें, वहां भर्ती होने के लिए आवश्यक योग्ताओ के बारे में जाने, संभव है वहां भर्ती होने के पहले आपको कोई कोर्स आदि भी करना पड़े। बतौर उदाहरण अगर आप  फिजियोथेरेपी सेक्टर मैं जाना चाहते हैं तोआपको फिजियोथेरेपी मैं स्नातकोत्तर कोर्स करना होगा। अक्सर इस चरण में तमाम तरह की तैयारियां और प्रतियोगी परीक्षाए शामिल होती है ।यही वजह है कि कई बार इस चरण के पूरा होने में कुछ साल भी लग सकते हैं

वास्तविक अपेक्षाएं रखें

अक्सर हम अपनी अपेक्षाएं जरूरत से ज्यादा रखकर दुखी हो जाते हैं। अगर हमारे लिए एकदम सही अवसर ना मिले तो भी हमें अपनी कोशिश जारी रखनी चाहिए। हममें से सभी को सर्वोत्तम फिजियोथेरेपी कॉलेज में दाखिला नहीं मिल सकता और ना ही यह जरूरी है कि हम सबसे अच्छे संस्थान में सर्वाधिक तनख्वाह पर काम करें । अगर हम कर पाए तब तो सबसे बढ़िया अगर नहीं तो हमें और ज्यादा कोशिश करनी चाहिए । हमें धैर्य रखना चाहिए । और कम तनख्वाह पर काम करते हुए आगे के लिए संघर्ष जारी रखना चाहिए।

सीखना एक नियमित प्रक्रिया:

 किसी भी नौकरी के मिलने पर यह समझना जरूरी है कि आपका कैरियर अभी बस शुरू ही हुआ है। अभी आप सिर्फ सीखे। यह जरूरी है कि आप में आत्मविश्वास हो पर कोई नौकरी करते हुए यह धारणा न बनाए कि आप-सब कुछ जानते हैं। याद रखे की जानकारी देने वाले बनने से पहले जानकारी लेने वाले बने।

डॉ केसर चौधरी, फैकल्टी ऑफ फिजियोथेरेपी, जगन्नाथ विश्वविद्यालय,जयपुर

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