सबसे लंबा पूर्ण चंद्रग्रहण 27 जुलाई को

- 3 घंटा 55 मिनिट रहेगी ग्रहण की अवधि
-  दिखाई देगा चंद्रमा अधिक चमकीला और बड़ा
  जयपुर @ जागरूक जनता सदी का सबसे लंबा पूर्ण चंद्रग्रहण 27 जुलाई को होगा जो कि आमतौर पर होने वाले चंद्रग्रहण से करीब 40 मिनट ज्यादा समयावधि का होगा। चंद्रग्रहण का सूतक लगभग 104 मिनट तक रहेगा। चंद्रग्रहण का सूतक दिन में 2.55 बजे से होगा। ग्रहण का स्पर्श रात में 11. 55 बजे और शुद्धि काल रात 3.41 बजे होगा। इसे भारत के भू-भाग सहित दक्षिण अमेरिका, अफ्रीका, पश्चिम एशिया, ऑस्ट्रेलिया और यूरोप में देखा जा सकेगा। पृथ्वी की परछाई के बीच से होते हुए चंद्रमा के सीधे गुजरने से इसमें इतना लंबा वक्त लगेगा। इस कालावधि तक सूर्य से उच्चतम दूरी होने के कारण धरती की परछाई का विस्तार बड़ा हो जाएगा। 15 जून 2011 के बाद यह पहला केंद्रीय चंद्रग्रहण होगा। इस साल का पहला चंद्रग्रहण जनवरी में आया था। अब यह दूसरा पूर्ण चंद्रग्रहण होगा। भारत के अतिरिक्त यह चंद्रग्रहण अंटाकर्टिका, ऑस्ट्रेलिया, एशिया, अफ्रीका, यूरोप, दक्षिण अमेरिका के मध्य और पूर्वी भाग में दिखाई देगा। इसके अलावा चंद्रग्रहण के दिन चंद्रमा अधिक चमकीला और बड़ा दिखाई देगा। इसे वैज्ञानिकों ने सुपर ब्लड ब्लू मून नाम दिया है। ज्योतिषाचार्य के अनुसार संवत 2075 आषाढ़ सुदी, पूर्णिमा शुक्रवार को यह चंद्रग्रहण उत्तरा आषाढ़, श्रवण नक्षत्र एवं मकर राशि में होगा। जिन नक्षत्र और राशि वाले जातकों के लिए ग्रहण दर्शन वर्जित है, उन्हें अपने इष्ट देव की आराधना, गुरु मंत्र जप एवं धार्मिक ग्रंथ का पठन और मनन करना चाहिए। पं. गिरधर गौत्तम फोलाई ने बताया कि गोचर में मकर राशि के केतु और चंद्रमा की प्रधानता रहेगी। राहु से समसप्तक दृष्टि संबंध रहेगा। जो अशुभता का प्रतीक माना जाता है। इसी कारण बहुत सारी प्राकृतिक आपदाओं से सामना करना पड़ सकता है।
इस प्रकार रहेगा राशियों पर प्रभाव
पं. अक्षय शास्त्री गौत्तम के अनुसार मेष, सिंह, वृश्चिक और मीन राशि के जातकों के लिए चंद्रग्रहण दर्शन लाभ, शुभ और सुखद फलदायक रहेगा। जबकि मिथुन, तुला, मकर, कुंभ राशि के जातकों के लिए चंद्रग्रहण का दर्शन अशुभ
होगा। उन्हें चंद्रग्रहण का दर्शन नहीं करना चाहिए। वृषभ, कर्क, कन्या और धनु राशि के जातकों के लिए मिला जुला असर रहेगा।
  चंद्रग्रहण की अवधि
- ग्रहण का सूतक प्रारंभ: दिन में 2.55 बजे से - ग्रहण उपच्छाया प्रवेश: रात 10: 43 पर - ग्रहण प्रारंभ मध्यावधि: 11.55 पर - पूर्ण प्रारंभ : रात्रि 1.00 बजे से
- ग्रहण का मघ्यकाल: 1.52 बजे
- पूर्ण समाप्त: 2.44 बजे
- ग्रहण का मोक्ष: 3.49 बजे से
- ग्रहण ग्राफमान: 1. 614
- ग्रहण अवधि: 3 घंटा 55 मिनिट (235 मिनिट की रहेगी)
- पूर्ण ग्रहण दृश्य अवधि: 1.44 मिनिट

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