निफ्टी ने उतार-चढ़ाव के बीच 11,000 का स्तर बरकरार रखा (साप्ताहिक समीक्षा)

मुंबई। बीते सप्ताह घरेलू शेयर बाजारों में अस्थिरता का दौर जारी रहा और थोड़ी गिरावट दर्ज की गई। इसमें मुख्य रूप से कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के खिलाफ विपक्षी दलों द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव का योगदान रहा, जिसके कारण निवेशकों की भावनाएं प्रभावित हुई। हालांकि इस दौरान निफ्टी 11,000 के स्तर को बनाए रखने में सफल रहा।

 साप्ताहिक आधार पर, सेंसेक्स 45.26 अंकों या 0.12 फीसदी की गिरावट के साथ 36,496.37 पर बंद हुआ तथा निफ्टी 8.70 अंकों या 0.08 फीसदी की गिरावट के साथ 11,010.20 पर बंद हुआ। बीएसई के मिडकैप सूचकांक में 235.01 अंकों या 1.52 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई और यह 15,196.46 पर बंद हुआ। बीएसई का स्मॉलकैप सूचकांक 474.90 अंकों या 2.93 फीसदी की गिरावट के साथ 15,721.43 पर बंद हुआ। 

सोमवार को शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव का दौर रहा और सेंसेक्स 217.86 अंकों या 0.6 फीसदी की गिरावट के साथ 36,323.77 पर बंद हुआ, तथा निफ्टी 82.05 अंकों या 0.74 फीसदी की गिरावट केसाथ 10,936.85 पर बंद हुआ। इस दिन इंट्रा डे कारोबार में सेंसेक्स 11,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर के नीचे आ गया था। 

मंगलवार को शेयर बाजारों में तेजी दर्ज की गई और सेंसेक्स 196.19 अंकों या 0.54 फीसदी की तेजी के साथ 36,519.96 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 71.20 अंकों या 0.65 फीसदी की तेजी के साथ 11,008.05 पर बंद हुआ।

बुधवार को विपक्षी दलों ने नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार के खिलाफ सदन के पटल पर अविश्वास प्रस्ताव रखा। इसके कारण शेयर बाजारों में गिरावट रही और सेंसेक्स 146.52 अंकों या 0.4 फीसदी की गिरावट के साथ 36,373.44 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 27.60 अंकों या 0.25 फीसदी की गिरावट के साथ 10,980.45 पर बंद हुआ। 

गुरुवार को शेयर बाजार में हल्की गिरावट दर्ज की गई और सेंसेक्स 22.21 अंकों या 0.06 फीसदी की गिरावट के साथ 36,351.23 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 23.35 अंकों या 0.21 फीसदी की गिरावट के साथ 10,957.10 पर बंद हुआ। 

कारोबारी सप्ताह के अंतिम दिन शुक्रवार को शेयर बाजार में तेजी लौटी। इस दिन सेंसेक्स 145.14 अंकों या 0.40 फीसदी की तेजी के साथ 36,496.37 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 53.10 अंकों या 0.48 फीसदी की तेजी के साथ 11,010.20 पर बंद हुआ और निफ्टी 11,000 अंकों के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया।

बीते सप्ताह सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे - टीसीएस (0.74 फीसदी), विप्रो (0.84 फीसदी), इंफोसिस (3.00 फीसदी) और एचडीएफसी बैंक (0.43 फीसदी)। 

सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे - बजाज ऑटो (9.35 फीसदी), कोटक महिंद्रा बैंक (5.08 फीसदी), हिन्दुस्तान यूनीलीवर (4.88 फीसदी) और लार्सन एंड टूब्रो (1.91 फीसदी)।

आर्थिक मोर्चे पर, मासिक थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति की सालाना दर जून में बढक़र 5.77 फीसदी (अनंतिम) रही, जोकि मई में 4.43 फीसदी थी। जबकि साल 2017 के जून में यह 0.90 फीसदी थी। 

अंतराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने वर्तमान वर्ष के लिए भारत के विकास दर के अनुमान में 10 आधार अंकों की कटौती की है और इसे 7.3 फीसदी कर दिया है। आईएमएफ ने साल 2018 और 2019 की विकास दर के अप्रैल में लगाए गए पूर्वानुमान को बरकरार रखा है, जो कि क्रमश: 7.4 फीसदी और 7.8 फीसदी है। 

वैश्विक मोर्चे पर, चीन की जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) की वृद्धि दर दूसरी तिमाही में 6.7 फीसदी रही है, जोकि पहली तिमाही में 6.8 फीसदी थी। 

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