आशियाना बनाने में जुटा पीड़ित परिवार, अतिवृष्टि प्रभावितों तक नहीं पहुंचा प्रशासन

बारां। बारां में गत दिनों हुई अतिवृष्टि के बाद आज भी कई परिवार हादसों से उबर नहीं पाए हैं। इस आपदा में सर्वे और मदद के नाम पर महज दिखावा होकर रह गया है। नुकसान की भरपाई तो दूर, अभी तो बारिश से प्रभावित लोगों तक प्रशासन का कोई भी नुमाइंदा नहीं पहुंचा है। ऐसे में हादसे का शिकार हुए एक मजबूर परिवार पत्थर चीरकर खुद अपना आशियाना बनाने में जुटा हुआ है।

तस्वीरों में नजर आने वाला यह शक्श बाराँ जिले के हनोतिया गांव का रहने वाला है। इसका नाम हंसराज है। हंसराज के परिवार में कुल 5 सदस्य हैं, जिनमें 3 बच्चे, पत्नी शामिल है। दिन रात मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का पेट पालने वाला हंसराज बरसाती कहर का शिकार हुआ है। लगातार बारिश के चलते इसके कच्चे मकान का पीछे का हिस्सा ढह गया जिसके कारण इसके आशियाने में ढंग से जिंदगी नहीं गुजारी जा सकती,बारिश की आफत के बाद परेशानी में जीवन काटने वाले हंसराज के पास ना तो सरकारी तंत्र पहुंचा और न ही अभी तक किसी ने इसकी सुध ली है। 

फिर से अपना आशियाना खड़ा करने की मजबूरी में हंसराज और उसकी पत्नी पार्वती नदी में उतरकर चट्टान का सीना छलनी करने में लगे है,वो महज इसलिए ताकि फिर से इसका मकान खड़ा हो जाये और इसका परिवार तसल्ली से अपना जीवन यापन कर सके, हंसराज बताता है मकान को फिर से बनाने के लिए करीब 7 दिन तक 10 घंटे मेहनत करनी पड़ेगी, तब कहीं जाकर इसका मकान अपनी पहले जैसी स्तिथि में आ पायेगा।

भले ही मकान बनाने के लिए ससाधन जुटाने का हंसराज का तरीका गलत हो लेकिन हंसराज भी मिनी सचिवालय के दफ्तरों से जारी हुए दिखावटी सर्वे होने का इंतजार आखिर कब तक करता वो भी जब राजस्थान सरकार के मंत्री और जिला कलेक्टर के सर्वे आदेश के 4 दिन बाद भी हंसराज के गाव हनोतिया तक कोई नही पहुचा | 

Leave a Comment