भारत ने इंडीज को करारी मात दे ऐसे बनाया जीत को यादगार: राजकोट टेस्ट

राजकोट। भारत ने यहां सौराष्ट्र क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए पहले टेस्ट मैच में वेस्टइंडीज को एक पारी और 272 रनों से हरा दिया। यह भारत की घर में 100वीं टेस्ट जीत है। इस मैच में वेस्टइंडीज की हालत यह रही कि उसने अपने 20 में से 14 विकेट तीसरे दिन शनिवार को ही खो दिए। यह भारत की पारी व रनों के लिहाज से अब तक की सबसे बड़ी जीत है, जबकि वेस्टइंडीज की दूसरी सबसे बड़ी हार। 

भारत ने पहली पारी में कप्तान विराट कोहली (139), पदार्पण कर रहे पृथ्वी शॉ (134), रवींद्र जडेजा (नाबाद 100), , विकेटकीपर ऋषभ पंत (92) व चेतेश्वर पुजारा (86) की शानदार पारियों के दम पर अपनी पहली पारी नौ विकेट पर 649 रनों पर ही घोषित कर दी थी। शॉ का यह पदार्पण मैच था और अपने पहले ही मैच में शतक जमाने वाले वे भारत के 15वें बल्लेबाज बने हैं। उनकी शानदार पारी के कारण उन्हें मैन ऑफ द मैच चुना गया। 

वेस्टइंडीज की टीम ने दूसरे दिन का अंत छह विकेट के नुकसान पर 94 रनों के साथ किया था और उस पर फॉलोऑन का खतरा मंडरा रहा था। तीसरे दिन भारतीय गेंदबाजों ने पहले सत्र के एक घंटे में ही उसके चार विकेट गिरा मेहमान टीम को पहली पारी में 181 रनों पर ढेर कर फॉलोऑन के लिए बुलाया। दूसरी पारी में भी विंडीज के बल्लेबाज टिक नहीं सके और 196 रन बनाकर पारी से शिकस्त खा बैठे। दूसरी पारी में भारत के लिए कुलदीप यादव ने 57 रन देकर पांच विकेट लिए जो उनके करियर का अभी तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।

रवींद्र जडेजा को तीन सफलताएं मिलीं जबकि पहली पारी में चार विकेट लेने वाले रविचंद्रन अश्विन दो विकेट लेने में सफल रहे। फॉलोऑन का खतरा सिर पर ले तीसरे दिन बल्लेबाजी करने उतरी वेस्टइंडीज को दिन का पहला झटका 147 के कुल स्कोर पर कीमो पॉल (47) के रूप में लगा। उमेश यादव ने उन्हें अर्धशतक पूरा नहीं करने दिया। वहीं अर्धशतक जमाने के कुछ देर बाद चेज, अश्विन की गेंद पर बोल्ड हो गए। अश्विन ने ही शेमरन लुइस (0) और शेनन ग्रेब्रिएल को आउट कर वेस्टइंडीज की पहली पारी का अंत किया।

पहले सत्र में ही दूसरी पारी खेलने उतरी वेस्टइंडीज को 32 के कुल स्कोर पर पहल झटका लगा। क्रैग ब्रैथवेट (10) अश्विन की गेंद पर शॉर्ट लेग पर खड़े शॉ को कैच दे बैठे। एक ओवर बाद भोजनकाल की घोषणा कर दी गई। दिन के दूसरे सत्र में मेहमान बल्लेबाज चाइनामैन कुलदीप की फिरकी में फंस कर रह गए। केरन पावेल (83) हालांकि एक छोर पर काफी देर तक खड़े रहे लेकिन टीम के बाकी बल्लेबाज अपने पैर नहीं जमा सके।

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