17 महीने से जेल में बंद यूनीटेक के निदेशकों को जमानत नहीं, 750 करोड़ रु जमा नहीं करवाए

नई दिल्ली. रियल्टी फर्म यूनीटेक के निदेशक संजय चंद्रा और अजय चंद्रा को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत देने से इनकार कर दिया है। बुधवार को उनकी अर्जी पर सुनवाई हुई। अदालत ने कहा कि पिछले आदेश के मुताबिक संजय चंद्रा ने कोर्ट की रजिस्ट्री में 750 करोड़ रुपए जमा नहीं करवाए हैं। कोर्ट ने 30 अक्टूबर 2017 को आदेश दिए थे कि 31 दिसंबर 2017 तक रकम जमा करवाई जाए। घर खरीदारों से धोखाधड़ी के आरोप में संजय और भाई अजय चंद्रा 9 अगस्त 2017 से जेल में हैं।

यूनीटेक पर 16,000 ग्राहकों से धोखाधड़ी का आरोप

चंद्रा बंधुओं ने इस आधार पर जमानत मांगी कि वो सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए 400 करोड़ रुपए जमा करवा चुके हैं। बाकी रकम भी जल्द जमा करवा दी जाएगी।

यूनीटेक के निदेशकों पर आरोप हैं कि उन्होंने 16,000 खरीदारों को समय पर फ्लैट नहीं दिए। इनमें से 9,390 लोगों की मांग है कि फ्लैट का पजेशन दिया जाए या उनकी रकम लौटाई जाए। 4700 ग्राहक सिर्फ रिफंड चाहते हैं।

पिछले साल सितंबर में सुप्रीम कोर्ट ने यूनीटेक को आदेश दिए कि अपने 5 प्रोजेक्ट्स में 514 फ्लैट बनाए। कंपनी को कोलकाता की संपत्ति बेचने से जो रकम मिली उसका इस्तेमाल फ्लैट बनाने में किया जाए।

साल 2015 में यूनीटेक के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज हुआ था। बाद में यूनीटेक के गुरुग्राम स्थित वाइल्ड फ्लॉवर कंट्री और एंथिया प्रोजेक्ट के 173 ग्राहक भी विरोध में सामने आ गए थे। अगस्त 2017 में दिल्ली हाईकोर्ट ने चंद्रा बंधुओं को जमानत देने से इनकार कर दिया था।

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