मुख्यमंत्री ने की किसानों के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं

जयपुर@ जागरूक जनता। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार को राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देते हुए प्रदेशवासियों विशेषकर किसानों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की। गहलोत ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा सूची में शामिल बीपीएल एवं स्टेट बीपीएल लाभार्थियों एवं अन्त्योदय परिवारों को एक रू. प्रति किलोग्राम की दर से गेहूं देने की घोषणा की। इस फैसले से प्रदेश के 1 करोड़ 74 लाख गरीब लोगों को फायदा होगा। 

दुग्ध उत्पादकों को 2 रूपये प्रति लीटर बोनस, 5 हजार नए सरस बूथ

मुख्यमंत्री ने राज्य के दुग्ध उत्पादकों के हित में निर्णय लेते हुए उन्हें दूध पर 2 रू. प्रति लीटर बोनस देने की घोषणा की। यह बोनस राजस्थान कॉओपरेटिव डेयरी फैडरेशन से सम्बद्ध सहकारी समितियों के सदस्यों को दिया जाएगा। इसके अलावा उन्होंने 5 हजार नए सरस डेयरी बूथ खोलने की घोषणा भी की। इससे बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। 

जिन किसानों का गेट पास बन गया, उनकी मूंग खरीद होगी

गहलोत ने कहा कि जिन किसानों का 8 जनवरी 2019 तक मण्डी समिति का गेट पास बन गया था, लेकिन उस समयावधि में मूंग की तुलाई नहीं हो सकी थी, ऎसे किसानों की जिला कलेक्टर से प्राप्त प्रमाणित सूची के आधार पर सरकार वैकल्पिक व्यवस्था कर उनसे मूंग की खरीद करेगी। उन्होंने कहा कि समर्थन मूल्य पर मूंग खरीद का लक्ष्य बढ़ाकर 40 प्रतिशत किये जाने एवं मूंग खरीद की अवधि बढ़ाने के लिए मैंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को दो बार पत्रा लिखा है।

लघु एवं सीमान्त वृद्ध किसानों को वृद्धावस्था पेंशन

मुख्यमंत्री ने लघु एवं सीमान्त श्रेणी के वृद्ध किसानों को भी वृद्धावस्था पेंशन देने की घोषणा की। 

कृषक ऋण माफी का दायरा और बढ़ाया

गहलोत ने कृषकों के हित में ऋण माफी के दायरे को और बढ़ाते हुए भूमि विकास बैंक एवं सीसीबी के लघु एवं सीमांत कृषकों के अवधिपार 2 लाख रूपये तक के बकाया मध्यकालीन एवं दीर्घकालीन ऋण माफ करने की घोषणा की। इससे किसानों की करीब 4 लाख बीघा कृषि भूमि जो गिरवी रखी है वह रहन से मुक्त हो सकेगी।

सद्भावी किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष पैकेज

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि समय पर लोन चुकाने वाले सद्भावी किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार किसानों के हित में विशेष पैकेज लागू करेगी। इस संबंध में कर्नाटक, महाराष्ट्र, तेलंगाना, झारखण्ड, उड़ीसा, गुजरात एवं पंजाब द्वारा सद्भावी ऋणी किसानों के लिए लागू की गई योजना का विस्तृत अध्ययन किया जाएगा। राज्य सरकार प्रयास करेगी कि हमारा पैकेज इन राज्यों से अच्छा और किसानों के हित में हो।

उन्होंने कहा कि ऎसे किसान जिन्हांंेने कृषि ऋण लिया था लेकिन कृषि उपज का उचित मूल्य प्राप्त नहीं होने के कारण मजबूर होकर आत्महत्या कर ली उनके परिवारों के प्रति संवेदना रखते हुए जिला कलक्टर के प्रस्ताव पर उनके बकाया ऋण माफ किये जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार ने लघु एवं सीमांत किसानों के 50 हजार रूपये तक के सहकारी बैंकों से लिए गए लघु अवधि फसली ऋण ही माफ किये थे। अब हमारी सरकार ने लघु एवं सीमान्त सहित सभी किसानों के ऋण माफ करने का फैसला किया है जिन्होंने सहकारी बैकों से ऋण ले रखे हैं। 

पिछली सरकार का छोड़ा 6 हजार करोड़ हमारी सरकार वहन करेगी

गहलोत ने कहा कि पूववर्ती सरकार ने किसानों की ऋण माफी के लिए मात्रा 2 हजार करोड़ रूपये का ही बजट प्रावधान किया। जबकि ऋण माफी के लिए 8 हजार करोड़ का प्रावधान किया जाना था अब शेष 6 हजार करोड़ रूपये का भार हमारी सरकार वहन करेगी। 

खराब स्थिति वाले सहकारी बैंकों को मदद देगी सरकार

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऋण माफी की पूरी राशि उपलब्ध नहीं कराने के कारण कई सहकारी बैंकाें की आर्थिक स्थिति खराब हो गई है। वे किसानों को ऋण वितरण नहीं कर पा रहे हैं और कई बैंकों पर लाइसेंस रद्द होने का खतरा मंडरा रहा है। ऎसे में हमारी सरकार ने सहकारी बैंकों को 340.29 करोड़ रू. की हिस्सा राशि एवं 78.51 करोड़ रू. की ग्रान्ट-इन-एड देने का फैसला किया है ताकि इन बैंकों के लाइसेंस र नहीं हों और ये बैंक किसानों को आगे भी लोन देने की स्थिति में रहें। 

गहलोत ने कहा कि राष्ट्रीय बैंकों, अनुसूचित बैंकों एवं क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों से कृषकों द्वारा लिए गए ऋण जो एनपीए के रूप में वर्गीकृत हो गए है, की माफी के लिए वन टाइम सेटलमेंट किया जाएगा।

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