स्वास्थ मंत्री बोले- ब्लड सैंपल का कलेक्शन बढ़ाओ, डॉक्टर ने कहा- सर! ब्लड नहीं, स्वाब लेते हैं

जयपुर@ जागरूक जनता।. चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने विभाग तो संभाल लिया लेकिन प्रदेश में 75 से ज्यादा लोगों को मौत के आगोश में ले चुके स्वाइन फ्लू को लेकर वे अभी अपडेट नहीं हैं। अफसरों ने भी उनको अपडेट नहीं किया। इसका नमूना स्वाइन फ्लू की रोकथाम और सीएम के जोधपुर दौरे को लेकर पूरे प्रदेश के डिप्टी सीएमएचओ और संबंधित डॉक्टरों की वीडियो कांफ्रेंसिंग में दिखा।

मंत्री ने डॉक्टरों को कहा- आप स्वाइन फ्लू रोकथाम के लिए क्या कर रहे हो? पिछले दिनों देवीसिंह भाटी मिले थे, कह रहे थे नीम का काढ़ा बनाकर पिलाओ, ठीक हो जाता है। इम्युनिटी मजबूत होती है। आप लोग काढ़े से रोकथाम पर जोर दो। इस पर कुछ जगह डॉक्टर हंस पड़े।

इसके बाद वीडियो कांफ्रेंसिंग में मंत्री ये भी बोल गए- अपने-अपने जिलों में महामारी रोकने के लिए ब्लड सैंपल बढ़ाओ। यह सुन पास में बैठे कुछ अधिकारियों ने कहा कि साहब- स्वाइन फ्लू में गले से स्वाब लेकर टेस्ट किया जाता है। ब्लड सैंपल नहीं लेते। बाद में कई लोग वीडियो कांफ्रेंसिंग से बाहर आ गए, लेकिन मंत्री की क्लास जारी रही। हालांकि बाद में मंत्री ने मीडिया के सामने जानकारी सुधार ली।

बीकानेर के डॉक्टर ने कहा- एक भर्ती, मंत्री के पास बैठे गेरा बोले- 7 भर्ती हैं:  मंत्री ने बीकानेर के डॉ. रमेश गुप्ता से कहा कि आपके यहां स्वाइन फ्लू के कितने मरीज भर्ती है। इस पर गुप्ता बोले एक मरीज है। यह सुनते ही पास बैठे चिकित्सा शिक्षा सचिव हेमंत गेरा बोले बीकानेर में सात स्वाइन फ्लू मरीज भर्ती है। इस पर मंत्री को गुस्सा आ गया और निदेशक को कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए।  

बाड़मेर से तो डॉक्टर ने कहा- 24 घंटे बिजली-पानी सप्लाई करवाओ तभी वेंटीलेटर चला पाएंगे: बाड़मेर के एक नए डॉक्टर को जब स्वाइन फ्लू के बारे में मंत्री ने पूछा तो वे बोल पड़े- मुझे नहीं पता कितने भर्ती है। बालोतरा की जानकारी मैं नहीं रखता। बाड़मेर में 24 घंटे बिजली-पानी की सप्लाई करवाओ तब वेंटीलेटर चलेंगे। यह सुन फिर मंत्री गुस्साए और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई को आदेश दिए।  

 मंत्री का दौरा आज से, 33 जिला प्रभारी भी करेंगे दौरे: स्वाइन फ्लू नियंत्रण के लिए जिलों में कैसा काम हो रहा है, इसकी जांच के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा मंगलवार से जिलों के दौरे पर निकलेंगे। सबसे पहले वे जोधपुर जाएंगे। इसके साथ ही जयपुर से 33 नोडल चिकित्सा अधिकारियों को भी प्रभारी बनाकर जिलों में मंगलवार से भेजा है। वे स्वाइन फ्लू नियंत्रण और अन्य कार्यक्रमों की जांच करेंगे।

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