महाभारत में भीष्म पितामह ने बताए थे अपनी उम्र और स्वस्थ्य जीवन के राज, सफलता के सूत्र भी है ये

महाभारत के अनुसार भीष्म पितामह जब बाणों की शय्या पर लेटे हुए थे। तब युधिष्ठिर ने उनकी लंबी उम्र व स्वस्थ जीवन के रहस्य जानने के लिए उपदेश देने की प्रार्थना की। इसके बाद भीष्म ने राजधर्म, मोक्षधर्म और आपद्धर्म आदि का मूल्यवान उपदेश बड़े विस्तार के साथ दिया। उन्होंने श्रीकृष्ण के कहने पर धर्म को ध्यान में रखते हुए ये उपदेश दिए थे। उन्होंने अपने उपदेश में जो बातें बताई थीं उन बातों का पालन आज के समय में भी किया जा सकता है। 

 महाभारत में भीष्म पितामह ने ये उपदेश दिया

1. मन को वश में रखना।

2. घमंड नहीं करना।

3. बढ़ती हुई इच्छाओं को रोकना।

4. कड़वी बातें सुनकर भी उतर नहीं देना।

5. मार खाने पर भी शांत व सम रहना।

6. अतिथि व लाचार को आश्रय देना।

8. नियमपूर्वक शास्त्र पढ़ना व सुनना।

9.  दिन में नहीं सोना।

10. स्वयं आदर की इच्छा न रखकर दूसरों को आदर देना। 

11. क्रोध के वशीभूत नहीं रहना।

12. स्वाद के लिए नहीं स्वास्थ्य के लिए भोजन करना।

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