गिरनार से जैन मुनि लापता

सकल जैन समाज सीबीआई जांच की मांग को लेकर, प्रधानमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को देगा ज्ञापन 

जयपुर @ जागरूक जनता। अहिंसा में विश्वास रखने वाला और जियो और जीने दो का संदेश देने वाला जैन धर्म आज घोर उपसर्ग झेलने पर मजबूर हो रहा है। मामला गुजरात के जूनागढ़ स्थित जैन तीर्थ और 22 वें तीर्थंकर भगवान नेमिनाथ स्वामी की निर्वाण स्थली है जहाँ से एक दिगम्बर जैन मुनि मुदित सागर जी महाराज पिछले 8 दिनों से लापता है। जिसके चलते भारतवर्ष का सकल जैन समाज आक्रोशित है। 

अखिल भारतीय दिगम्बर जैन युवा एकता संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभिषेक जैन बिट्टू ने बताया कि आचार्य सुनील सागर महाराज अपने संघ में विराजमान 50 दिगम्बर जैन संतो सहित गांधी नगर से 400 किलोमीटर की पदवन्दना करते हुए 17 जनवरी को भगवान नेमिनाथ स्वामी की निर्वाण (मोक्ष) स्थली " श्री गिरनार " में मंगल प्रवेश किया था, जहां वह क्षेत्र में पूर्व से ही विराजमान आचार्य निर्मल सागर महाराज के स्थान पर ही अपना प्रवास कर रहे है। इसी बीच आचार्य श्री के संघ में विराजमान मुनि मुदित सागर महाराज की भावना हुई कि वह भगवान नेमिनाथ स्वामी की मोक्ष स्थली के दर्शन करें तो वह धरातल से 23 जनवरी को पर्वत दर्शन हेतु प्रस्थान किया, जिसके बाद से आज 31 जनवरी के दिन आ गया किन्तु मुनि मुदित सागर महाराज का कोई अता - पता नही चल रहा है। मुनिश्री के गायब होने की सूचना सुनकर वहां मौजूद जैन समाज के श्रद्धालुओं ने पूरा पर्वत और पर्वत के आस-पास का क्षेत्र छान मारा किन्तु मुनि श्री की कोई जानकारी नही मिली, यहां तक के वहां मौजूद जैन समाज ने मुनि श्री के लापता होने और पर्वत पर कब्जा जमाए बैठे असामाजिक तत्वों के खिलाफ अनहोनी के डर से रिपोर्ट तक दर्ज करवाई जा चुकी है। किंतु अभी तक प्रशासन कोई गंभीर कार्यवाही कर समाज को संतुष्ट नही कर पाया है। वहां का प्रशासन खानापूर्ति करते हुए नाम मात्र की खोजबीन कर मामले को रफा दफा करने पर तुली है। 

अभिषेक जैन बिट्टू ने बताया कि संत प्रधान यह देश जो संतो के त्याग, तप और साधना से पहचाना जाता है कि धरती पर इस तरह से एक दिगम्बर जैन साधु का गायब होना और उसके बाद जिस प्रकार से प्रशासन अपनी कानूनी कार्यवाही कर रहा है उससे संतो का ही नही अपितु धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। आज 8 दिन हो गए है पुलिस प्रशासन किसी ठोस नतीजे पर नही पहुंची है। जिससे समाज को प्रतीत होता है कि वहां का प्रशासन श्री गिरनार पर्वत पर कब्जा किये हुए बैठे असामाजिक तत्वों का साथ देते हुए समाज को गुमराह कर रहा है और कार्यवाही के नाम पर लीपापोती कर मामले को रफा-दफा कर रहा है। क्योंकि श्री गिरनार पर्वत पर कब्जा किये बैठे यह असामाजिक तत्व पूर्व में भी कई बार जैन संतो और समाज के श्रद्धालुओं पर जानलेवा हमले कर चुके है जिसकी 50 वर्षो में हजारों बार रिपोर्ट दर्ज करवा चुके है। किन्तु इन पचास वर्षों में ना ही गुजरात सरकार ने कोई ठोस कार्यवाही की और ना ही पुलिस प्रशासन ने कोई कार्यवाही की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री कार्यकाल आज से 6 वर्ष पूर्व मुनि प्रबल सागर महाराज पर पर्वत दर्शन करते हुए वहां के असामाजिक तत्वों ने हमला किया था तब भी समाज मे बड़ी संख्या में पूरे देश मे अपना आक्रोश दर्ज करवाया था किंतु तब भी आरोपी को गिरफ्तार कर मामले को दबा दिया और बाद में झोड़ दिया गया। जिससे समाज मे भारी संख्या में आक्रोश है। 

जैन ने कहा कि अभी पिछले वर्ष ही श्री गिरनार पर्वत पर दर्शन करते हुए जैन श्रद्धालुओ पर भी जानलेवा हमले हुए, वहां की प्रशासन ने समाज के बन्धुओ को पूजन सामग्री लेकर जाने से रोकने का काम किया जिससे प्रतीत होता है कि वहां का प्रशासन असामाजिक तत्वों से मिलीभगत कर समाज को नुकसान पहुंचा रहा है। इन सभी बातों को ध्यान में रखकर सकल जैन समाज और अखिल भारतीय दिगम्बर जैन युवा एकता संघ सीबीआई जांच की मांग करता है जिसके लिए युवा एकता संघ के पदाधिकारी शुक्रवार को जयपुर जिला कलेक्टर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम ज्ञापन भी सौपेगा। 

प्रदेश अध्यक्ष प्रमोद बाकलीवाल ने बताया कि जैन समाज अहिंसक और अल्पसंख्यक समाज जरूर है किंतु कायर नही है। अगर सरकार समाज के साथ न्याय नही करती है और मुनि मुदित सागर को ढूढने के लिए सीबीआई की टीम का गठन नही करती है तो जैन समाज एक बार फिर से सड़कों पर नजर आएगा। जिस तरह का आंदोलन संथारा मामले पर पूर्व में जैन समाज ने आंदोलन निकाला था उससे भी व्रहद स्तर पर आंदोलन निकाल अपनी बात पूरे देश के सम्मुख रखेगा किन्तु अबकी बार चुप नही रहेगा। इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग के साथ राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया और विपक्ष के नेता गुलाबचंद कटारिया, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदनलाल सैनी और आम आदमी पार्टी राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष रामपाल जाट से भी मुलाकात कर ज्ञापन दिया जाएगा और श्री गिरनार और मुनि श्री के बारे मे जानकारी देकर सीबीआई जांच की मांग के लिए आवाज उठाने की मांग की जाएगी।

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