लूट के इरादे से घर में घुसे बदमाश, ज्वैलर की पत्नी-बेटी की सरियों से पीटकर हत्या

कोटा.@ जागरूक जनता। कोटा में रात ज्वैलर की पत्नी और बेटी की लूट के इरादे से हत्या कर दी गई। स्टेशन क्षेत्र में जैन मंदिर रोड पर ज्वैलर राजेंद्र विजय का घर है। करीब में ही राजेंद्र की ज्वैलरी की शॉप है। बदमाशों ने उनकी बेटी पलक (18) और पत्नी गायत्री (45) की नृशंस हत्या कर दी। सरियों से दोनों के सिर पर वार किए गए। पुलिस ने मौके से दो सरिए बरामद किए हैं। घटना का पता तब लगा, जब परिवार के सदस्य रात को घर पहुंचे। प्रारंभिक पड़ताल के बाद पुलिस ने माना कि आरोपियों ने लूट के लिए इस घटना को अंजाम दिया। घर से नकदी और जेवर गायब हैं।

पड़ोसियों को नहीं लगी वारदात की भनक

पुलिस के अनुसार जिस मकान में वारदात हुई, उसके पिछले हिस्से में किराएदार भी रहते हैं, लेकिन उन्हें भनक तक नहीं लगी। आईजी बिपिन कुमार पांडेय ने बताया कि एफएसएल टीम से भी मौका मुआयना कराया गया। आरोपी इतने बेखौफ थे कि घर में लगे सीसीटीवी कैमरे और उसकी डीवीआर तक ले गए।

बदमाश बेखौफ, लोगों में दहशत

घर में घुसकर मां-बेटी की नृशंस हत्या के बाद पूरा कोटा शहर सहम गया। सोशल मीडिया से वारदात की खबर पूरे शहर में फैल गई, जिसने भी घटना के बारे में सुना वो सन्न रह गया। इस वारदात से पूरा मोहल्ला देर रात तक दहशत में था और महिलाओं की आंखों में यह डर साफ तौर पर देखा गया। शहर में आए दिन हो रही सर्राफा और अन्य व्यापारियों के साथ हो रही वारदातों के बाद वे भी खासे डरे हुए हैं।वारदात के बाद लोगों की जुबान पर एक ही वाक्य था कि यह तो चलता रोड है, यहां पर ऐसी वारदात कैसे हो गई? मोहल्लेवासियों का कहना था कि यहां इससे पहले छोटी-मोटी वारदात भी नहीं हुई।

मिलनसार थीं मां-बेटी

गली में रहने वाली गायत्री की सहेलियों ने बताया कि गुरुवार को दोपहर में ही उन्होंने गायत्री के साथ बहुत देर तक बातचीत की थी। उनकी एक सहेली जयपुर गई थी। ऐसे में गायत्री ने उनसे चुनरी और साड़ियां लाने के लिए कहा था। क्षेत्रवासी महिलाओं ने कहा कि गायत्री और बेटी पलक बहुत मिलनसार थीं। दोनों हमेशा हंसते हुए बात करती थीं। गायत्री की बड़ी बेटी की भी कुछ समय पहले ही शादी हुई थी। पलक बीकॉम की स्टूडेंट थी। राजेंद्र के पिता चांदमल विजयवर्गीय समाज के पूर्व मंडल अध्यक्ष हैं। वे कई पदों पर भी रहे। वहीं, गायत्री विजय भी महिला मंडल में सक्रिय पदाधिकारी थी।

बेडरूम में हत्या, शव ड्राॅइंग रूम में फेंके

राजेंद्र व उनके किराएदार ने बताया कि खून बैडरूम में था, जबकि शव ड्राइंग रूम में पड़े थे। हालात देखकर लगता है कि बदमाशों ने दोनों मां-बेटी को बैडरूम में मारा और वहां से घसीटते हुए दोनों को ड्राइंग रूम में पटक दिया। बेटी एक तरफ पड़ी थी और मां दूसरी तरफ।

एक बैग छोड़ गए : रिश्तेदारों व लोगों ने बताया कि बदमाशों ने बैडरूम में लगी एक अलमारी के ताले तोड़े हैं। इसमें नकदी भी बड़ी मात्रा में थी। इसके अलावा जेवरात भी काफी थे। लेकिन, बदमाश एक बैग छोड़ गए। हालांकि सदमे के चलते सर्राफ राजेंद्र लूटे गए सामान का विवरण नहीं बता सके।

रात 11 बजे रोड पर रहती है चहल-पहल

क्षेत्रवासियों ने बताया कि अमूमन यह सड़क रात को 11 बजे तक चलती है और लोग वॉक करते रहते हैं। जहां मर्डर हुआ, उस घर के सामने जैन मंदिर है, जिसमें लोग रात करीब 8 बजे तक तो दर्शन करने ही आते-जाते रहते हैं। आश्चर्य की बात यह है कि ऐसे इलाके में भी बदमाशों ने बिना खौफ के वारदात को बड़ी चालाकी से अंजाम दे दिया। इधर, लोगों के मन में स्टेशन इलाके में घूम रहे पैंथर को लेकर भी काफी भय है। इसके चलते लोगों ने रात में अकेले घूमना भी पहले से कम कर दिया है।

सब्जी लेने गई थी किराएदार, घर आते ही उड़े होश

किराएदार रश्मि ने बताया कि वह 7:30 से 7:45 बजे के बीच घर से निकलकर सब्जी लेने गई थी। वापस लौटी तो राजेन्द्र जी के पिता घर आ चुके थे। वे चंद मिनट पहले ही घर पहुंचे थे। दादाजी की आवाज सुनी तो मैं ऊपर गई तो देखकर सहम गई। देखा कि एक कमरे में दोनों मां-बेटी के शव पड़े थे। बाबूजी को पकड़ के बाहर आई और फिर राजेंद्र जी को फोन लगाया। मेरे से कुछ देखा नहीं जा रहा था और मैं चिल्ला उठी। शोर मचाने के बाद तो फिर सभी लोग आ गए थे।

बहू-पोती के शव देख दादा बोले- समझ ही नहीं पा रहा कि क्या हो रहा

सर्राफ राजेंद्र के पिता चांदमल विजय ने रात करीब 12.30 बजे भास्कर से बातचीत में  कहा कि वह 7:45 बजे घर से स्कूटर लेकर मंदिर के दर्शन करने के लिए निकले थे। उसके बाद वह हमेशा अपने बेटे को साथ लेकर घर पहुंचते हैं, लेकिन गुरुवार को वह नौकर के साथ-साथ आए। नौकर नीचे खड़ा था वह अकेले ही ऊपर गए थे। उन्होंने आवाज लगाई तो बहू नहीं दिखी, तो वो बहू के कमरे की तरफ गए। जहां उन्हें फर्श पर खून दिखा, लेकिन वे कुछ समझ नहीं पाए। वो डर गए और उन्होंने बहू को जोर-जोर से आवाज लगाना शुरू किया। चिल्लाने की आवाज के बाद नीचे से किराएदार रश्मि ऊपर आई। रश्मि ने देखा तो वहां ड्राइंग रूम में बहू की लाश पड़ी हुई थी। पोती की लाश दूसरी जगह दिखाई दी। चांदमल इतने घबरा गए कि समझ नहीं पाए कि आखिर हो क्या रहा है? उन्होंने तुरंत बेटे को फोन किया। बोले कि उन हत्यारों को माल ले जाना था और हत्या करने की क्या जरूरत क्या थी?

पुलिस का मानना- बाहरी गिरोह का काम

पुलिस के उच्च अधिकारियों का मानना है कि यह काम किसी बाहरी गिरोह का है। पुलिस इस दिशा में भी जांच कर रही है। लिहाजा, दोहरे हत्याकांड के बाद पूरे रेंज में हाईअलर्ट कर दिया गया है। आईजी बिपिन पांडेय ने पूरी रेंज में आदेश जारी किए कि मुख्य रोड व हाईवे के इलाकों में हथियारबंद नाकाबंदी की जाए। किसी पर भी संदेह होने पर उससे पूछताछ किए बिना जाने नहीं दिया जाए। पुलिस ने रात को रेलवे स्टेशन पर भारी पुलिस बल तैनात किया और हर आने-जाने वाले की चेकिंग की गई। चार पुलिस टीमों को हत्याकांड की जांच में लगाया गया है।

एसपी से बोले धारीवाल- बचकर न जाने पाएं बदमाश

मां-बेटी के दोहरे हत्याकांड से पूरा शहर सहमा हुआ है। हर कोई इसी की बात करता रहा। कांग्रेस नेता राजेन्द्र सांखला ने बताया कि उन्होंने हत्याकांड के विषय में तत्काल यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल को जानकारी दी। इसके बाद धारीवाल ने एसपी दीपक भार्गव समेत पुलिस के उच्च अधिकारियों से फोन पर बात करके वारदात की डिटेल जानकारी ली। धारीवाल ने एसपी सिटी समेत अन्य अधिकारियों को मामले में कोई ढिलाई न बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल्द से जल्द हत्याकांड के आरोपी सलाखों के पीछे होने चाहिए।

हर किसी की आंखें नम, लेकिन जुबां पर गुस्सा

घटना के बाद स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए। हत्या को देख सभी लोगों की आंखें नम थीं, लेकिन लोगों की जुबां पर हत्यारों के प्रति आक्रोश नजर आ रहा था। कोई तो उन्हें मिलते ही फांसी चढ़ाने की बात कर रहा था तो कोई कहा रहा था-बदमाशों को जो लूटना था लूट लेते, लेकिन इतनी बेदर्दी से मारने की क्या ज

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