अवैध अनन रोकने में सरकार नाकाम; सुप्रीम कोर्ट ने कहा- राजस्थान की सरकारी मशीनरी सड़ चुकी

 जागरूक जनता।अरावली क्षेत्र में अवैध खनन पर  सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार को फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि राज्य में पूरी सरकारी मशीनरी सड़ चुकी है। अधिकारियों ने अवैध खनन करने वालों से हाथ मिला रखे हैं।

कोर्ट ने राज्य के मुख्य सचिव को 8 फरवरी को पेश होने का आदेश दिया है। जस्टिस अरुण मिश्रा व दीपक गुप्ता की बेंच को राज्य सरकार के वकील ने बताया कि ग्राउंड ट्रूथिंग का 31% काम पूरा हुआ है। वकील ने विधानसभा व लोकसभा चुनाव का हवाला दिया तो कोर्ट ने कहा-अगर चुनाव हैं तो अवैध खनन होते रहने दें?

दरअसल, वकील ने कहा कि पिछले दिनों राज्य में विधानसभा चुनाव हुए हैं और जल्द ही लोकसभा चुनाव होने हैं। इस पर कोर्ट ने पूछा कि इस रवैये के साथ अदालत में न आएं। लगता है कि आप ग्राउंड ट्रूथिंग करना ही नहीं चाहते। आपके कहने का मतलब क्या है? उस क्षेत्र के जीव और वनस्पति बर्बाद हो रही है। पूरी सरकारी मशीनरी सड़ चुकी है।

कोर्ट ने कहा कि पिछले साल 29 अक्टूबर को राजस्थान के मुख्य सचिव ने बताया था कि ग्राउंड ट्रूथिंग का काम 27% क्षेत्रों में पूरा हो चुका है। बचा हुआ काम तीन महीने में पूरा हो जाएगा। ग्राउंड ट्रूथिंग में वास्तविक स्थान से सबूत जुटाए जाते हैं। सुप्रीम कोर्ट अरावली क्षेत्र में अवैध खनन से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई कर रहा है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले 23 अक्टूबर को भी सुनवाई कर राज्य सरकार को फटकार लगाई थी।

अरावली की 138 में से 31 पहाड़ियां गायब

2017 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश बाद देहरादून स्थित एफएसआई ने अरावली की पहाड़ियों का सैटेलाइट सर्वे किया था। इसमें 3300 जगहों पर अवैध खनन होना पाया गया। इसके बाद राज्य सरकार ने सत्यापन कराया तो पता चला कि 115.34 है. क्षेत्र में अवैध खनन हुआ। 31 पहाड़ियां गायब हो गई।

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