तीसरे दिन भी सवाई-बयाना के बीच दिल्ली-मुंबई मार्ग बंद रहा, ट्रेनें डायवर्ट

मलारना स्टेशन/भाड़ौती@ जागरूक जनता.. मलारना डूंगर के पास रेल ट्रैक पर  तीसरे दिन गुर्जर पटरियों पर बैठे रहे। सरकार की कमेटी से शनिवार को बातचीत के बाद गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति ने पटरियों पर से ही हाइवे पर आने का ऐलान कर दिया। सोमवार से राजधानी को जोड़ने वाले तमाम हाइवे पर  जाम लगाने की घोषणा की गई है।

साथ ही अल्टीमेटम भी दिया-11 फरवरी दोपहर 12 बजे तक सरकार ने मांगें नहीं मानी तो राजधानी को जोड़ने वाले सभी हाइवे पर जाम लगाया जाएगा। सवाई से श्योपुर व सवाई से टोंक मार्ग पर भी जाम लगाने की घोषणा की गई है। सवाई माधोपुर कलेक्टर डॉ. एसपी सिंह ने बैसला के सामने टेबल टॉक करने का प्रस्ताव रखा, लेकिन उसे अस्वीकार कर दिया गया। हिंडौन के वर्धमान नगर में किराड़ी सिंह बैसला के बंद घर पर एसडीएम व डीएसपी ने नाेटिस चस्पा किया। नोटिस में सुप्रीम कोर्ट व हाई कोर्ट के आदेश के पालन करने के निर्देश दिए गए है।

सरकार का जवाब नहीं आया, अब आंदोलन तेज करेंगे : संघर्ष समिति :

सूचना के कुछ देर बाद ही गुर्जर आरक्षण आंदोलन संघर्ष समिति के प्रदेश उपाध्यक्ष भूरा भगत मीडिया से मुखातिब हुए। उन्होंने कहा-सरकार का प्रतिनिधिमंडल  यहां वार्ता के लिए आया था और आज सकारात्मक जवाब देने की बात कह कर गया था, लेकिन अब तक भी वहां से किसी प्रकार का कोई संदेश नहीं आया है। ऐसे में अब गुर्जर समाज को अपना आंदोलन तेज करना होगा।

आंदोलन से पहले बैसला ने अहिंसा के दो संदेश दिए...फिर हिंसा क्यों?

शपथ : आंदोलन शुरू होने से पहले बैसला ने समाज को शपथ दिलवाई थी-किसी तरह की कोई हिंसा की गई तो वे खुद धरना स्थल छोड़ देंगे।

नतीजा : धरना स्थल पर लोग शांति बनाए हुए हैं, लेकिन अन्य स्थानों पर हिंसा की सूचना मिल रही है।

अहिंसा की पुस्तक : बैसला मौके पर भारत में अहिंसात्मक आंदोलन की पुस्तक पढ़ रहे हैं। इसमें गांधी के सत्याग्रह, चंपारण आदि आंदोलनों का जिक्र है।

नतीजा : अब यह सवाल खड़ा हो गया है कि क्या हाइवे जाम के दौरान प्रदेश में शांति व्यवस्था कायम रहेगी?

मीना एवं मुस्लिम समाज का समर्थन : 

मलारना डूंगर क्षेत्र में मुस्लिम समाज के कुछ लोगों ने बैसला से मुलाकात की और इस लड़ाई में उनके साथ होने की बात कही। पूर्व विधायक मोतीलाल मीना एवं कमल सिंह मीना सहित कुछ दूसरे लोगों ने मौके पर जाकर बैसला को सहयोग करने का विश्वास दिलाया। 

 पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले : 

गुर्जर आंदोलन के दौरान रविवार को धौलपुर में उग्र होने पर पुलिस ने आंदोलनकारियों पर काबू पाने के लिए आसु गैस के गोले छोड़े। डीजी लॉ एंड ऑर्डर एमएल लाठर ने रविवार को पुलिस मुख्यालय पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बताया कि प्रदेश में केवल तीन रास्ते बंद है, बाकी जगह शांति है।

आंदोलनकारी सोशल मीडिया पर ज्यादातर  पुराने वीडियो वायरल कर रहे।  पुलिस की तरफ से कोई हवाई फायरिंग नहीं की गई है। जबकि आंदोलनकारियों द्वारा पथराव में 5-6 पुलिसकर्मी घायल हुए है। आमजन ऐसे वीडियो देखकर भ्रमित ना हो।

इधर पुलिस ने आंदोलनकारियों के खिलाफ मलारना में रेलवे ट्रैक रोकने, गुडला व उदयपुरवाटी में रास्ता रोकने के तीन मुकदमे दर्ज किए है। पुलिस मुख्यालय से सभी जिला एसपी को 100 नंबर पर हेल्प लाइन पर सहायता केन्द्र शुरु करने के आदेश दिए है। अगर आंदोलन के कारण कोई आमजन परेशान हो तो तुरंत सहायता प्रदान करे और सभी जिलों के हेल्प सेन्टर को स्टेट कंट्रोल रूम से जोड़ा गया है।

Leave a Comment