मलारना से शुरू गुर्जर आंदोलन 5 जिलों में फैला, 1 लाख यात्री फंसे

जयपुर@ जागरूक जनता. सवाई माधोपुर के मलारना डूंगर में चार दिन पहले रेल ट्रैक से शुरू हुआ गुर्जरों का आंदोलन अब सीकर, दौसा, झुंझुनूं, बूंदी और टोंक तक फैल गया है। सोमवार को गुर्जरों ने जयपुर से जुड़ने वाले पांच सड़क मार्गों पर जाम लगाया। इसके कारण जयपुर से सवाई माधोपुर, टोंक, आगरा समेत कई इलाकों के लिए रोडवेज बसें नहीं चलीं। जयपुर में 200 और अजमेर में 14 रोडवेज बसों का संचालन नहीं हुआ। वहीं  26 ट्रेनें रद्द करनी पड़ीं। 10 से अधिक ट्रेनों के मार्ग बदलने पड़े। ऐसे में करीब एक लाख यात्रियों को परेशानी हुई।

मांगें पूरी होने तक न तो गुर्जर आंदोलन खत्म करने को तैयार हैं न सरकार की तरफ से वार्ता के लिए कोई खास पहल हुई है। इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने बैठक की

12 बजे मुख्यमंत्री आवास पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक समेत आला अफसरों की बैठक ली। इसमें गुर्जर आंदोलन की रोकथाम और समाधान पर चर्चा की गई। बैठक रात एक बजे तक चली। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को भी अधिकारियों से चर्चा करेंगे।

मानवाधिकार आयोग भी आगे आया

राज्य मानवाधिकार आयोग ने आंदोलन पर चिंता जताते हुए कहा कि आमजन में भय का माहौल है। सरकार रेल और सड़क मार्ग खुलवाने के लिए उचित कार्रवाई करे। सरकार बताए कि वर्तमान में आंदोलन में शामिल लोगों पर कितने केस दर्ज हैं। इनमें से कितनों पर दंडात्मक कार्रवाई हुई। यह भी बताए कि वापस लिए गए केस दोबारा शुरू करने के लिए कोई कानून है या नहीं। गुर्जर आंदोलन के तहत 13 साल में 755 केस दर्ज किए गए। इनमें से 233 सरकार ने वापस ले लिए, जबकि 162 में पुलिस ने एफआर लगा दी। इन प्रकरणों में 8850 लोगों को आरोपी बनाया गया। 

उत्तरप्रदेश-मध्यप्रदेश से अतरिक्त सुरक्षा बल मंगाया

प्रशासन ने भरतपुर, करौली, सवाई माधोपुर, दौसा और टोंक में सुरक्षा बढ़ा दी है। उत्तरप्रदेश और मध्यप्रदेश से अतिरिक्त सुरक्षा बल मंगवाया गया है। आठ जिलों में राजस्थान सशस्त्र बल की 17 कंपनियों की तैनात की गईं। रेलवे स्टेशन और ट्रैक की भी सुरक्षा की जा रही है।

आंदोलन तेज करने की चेतावनी

गुर्जर आरक्षण आंदोलन संघर्ष समिति के प्रदेश उपाध्यक्ष भूरा भगत ने कहा, ‘‘सरकार का प्रतिनिधिमंडल सकारात्मक जवाब देने की बात कह कर गया था, लेकिन अब तक कोई संदेश नहीं आया। ऐसे में अब गुर्जर समाज को अपना आंदोलन तेज करना होगा।’’ इस बीच सरकार ने सरकार ने पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह, स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा और सामाजिक न्याय विभाग मंत्री भंवरलाल मेघवाल की कमेटी बनाई है।

मांग पर अड़े गुर्जर

गुर्जर समाज की मांग है कि सरकार सभी प्रक्रिया पूरी करके 5% आरक्षण बैकलॉग के साथ दे।

24 सितंबर 2015 को विधानसभा में एसबीसी विधेयक पारित हुआ था।

राज्य सरकार ने 16 अक्टूबर 2015 को नोटिफिकेशन जारी करते हुए इसे लागू किया। ये 14 महीने चला और 9 दिसंबर 2016 को हाईकोर्ट ने खत्म किया।

हाईकोर्ट द्वारा आरक्षण पर रोक के बाद यह मामला अब सुप्रीम कोर्ट में है।

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