विश्वास के 4 वर्ष

जागरूक जनता समाचार-पत्र ने इस अंक के साथ ही 5वें वर्ष में प्रवेश कर लिया है। यह सब पाठकों के स्नेह और सलाह से ही संभव हुआ है। मैं इस कॉलम के माध्यम से हमारे सुधि पाठकों का धन्यवाद देना चाहूंगा कि आज से चार वर्ष पूर्व 8 मार्च 2015 को जिस समय जागरूक जनता का प्रकाशन शुरू किया था। उस समय दिल और दिमाग में प्रश्न कौंध रहे थे, कि किस तरह हम मिशन को आगे बढ़ाएंगे। मगर आपका सहयोग और मार्गदर्शन से सब संभव होता चला गया। जागरूक जनता समाचार पत्र के माध्यम से हमने पाठकों को अच्छी और ज्ञानवद्र्धक सामग्री प्रस्तुत करने की हर संभव कोशिश की है। जिसमें बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के लिए धार्मिक, सामाजिक, राजनीतिक सामग्री शामिल है। सम्पादकीय विभाग ने निहायत ही साफ-सुथरी पत्रकारिता की है। कहीं से कहीं तक किसी भी विषय में वैमनस्यता और पीत-पत्रकारिता को लेशमात्र भी स्थान नहीं दिया है। देश, विदेश और राज्यों की खबरों को बेबाकी से आपके समक्ष प्रस्तुत किया गया है। छोटे से छोटे गांव-कस्बों से लेकर देश के बड़े शहरों तक की रोजमर्रा की खबरों को हमने पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करने की कोशिश की है। इस समय देश में जो हालात चल रहे हैं। उनमें समाचार-पत्र की भूमिका भी जिम्मेदारी पूर्ण बन जाती है। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ प्रेस की सही जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए हमारी कोशिश यही रही है कि सही स्थिति पाठकों के समक्ष प्रस्तुत की जाए। एक तरफ लोकसभा के चुनाव सिर पर हैं तो दूसरी तरफ हमारे पड़ौसी देश पाकिस्तान ने आतंकवादियों के सहारे हमारे देश में उत्पात मचा रखा है। इन परिस्थितियों में हमारे देश का सर्वोच्च नेतृत्व जिस सूझबूझ और समन्वय से तमाम राजनीतिक दलों के साथ सामंजस्य के साथ आगे बढ़ रहा है। वह निश्चित ही प्रशंसनीय है। इस समय देश में सब जाति-धर्म को अपने मतभेद भुलाकर कंधे से कंधा मिलाकर चलने का समय है। मैं पुन: पाठकों से कहना चाहूंगा कि आप अपने विचार और सहयोग इसी प्रकार बनाए रखें ताकि जागरूक जनता समाचार-पत्र हमारी भटकी हुई राह एवं संस्कृति पुन: स्थापित करने के अपने मिशन में सफलता प्राप्त कर सके। सादर।

shivdayalmishra@gmail.com

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