रद‌्‌दी हो गए रेलवे के 30 करोड़ के ब्रोशर-बुकलेट, आचार संहिता लगने से नहीं बंट पाए

जोधपुर@ जागरूक जनता।. .   शाम लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लगते ही रेलवे के 30 करोड़ रुपए रद्दी हो गए। इसका कारण रेलवे द्वारा छपवाई गई बुकलेट और ब्रोशर हैं। रेलवे ने भाजपा सरकार के दौरान हुए विकास कार्यों का बखान करने के लिए ने आनन-फानन में देश के सभी राज्यों के लिए 14 भाषाओं में 'न्यू इंडिया का इंजन' नाम से बुकलेट और न्यू रेलवे, न्यू राजस्थान जैसे ब्रोशर तैयार करवाए थे। इसमें हर संसदीय क्षेत्र में पिछले पांच साल में हुए कार्यों को शामिल किया गया था। कवर पेज पर पीएम नरेंद्र मोदी का फोटो है। रेलवे बोर्ड व जोन स्तर से यह बुकलेट व ब्रोशर ट्रेनों से संसदीय भेजे जा रहे थे, इसी बीच आचार संहिता लग गई। एक अनुमान के मुताबिक बुकलेट पर रेलवे बोर्ड ने करीब 25 करोड़ खर्च किए गए तो जोन स्तर पर प्रकाशित ब्रोशर पर साढ़े पांच करोड़ खर्च। इतना ही पैसा और ऐसी ही कवायद रेलवे भारत सरकार के तीन व चार साल पूरे होने पर भी कर चुका है। 

रेल व कोल मंत्रालय के मंत्री पीयूष गोयल ने कुछ दिन पहले ही सभी जोन को पांच साल में हुए विकास कार्यों की फेहरिस्त तैयार करने के निर्देश दिए थे। कई जोन अपने स्तर पर विकास का बखान करने वाली सामग्री तैयार नहीं कर सके तो आचार संहिता के डर के चलते ये सामग्री दिल्ली से प्रिंट करवा कर भेजी गई। इन बुकलेट व ब्रोशर के बंडल जोन मुख्यालयों पर तो आचार संहिता लगने से पहले रविवार सुबह खुल गए, लेकिन मंडल रेल प्रबंधक कार्यालयों में बंडल खुले ही नहीं और संसदीय क्षेत्र तक तो पहुंच ही नहीं। हालांकि जोन मुख्यालय पर भी रविवार होने से वितरण नहीं हो सका। रेलवे के जनसंपर्क से जुड़े आला अधिकारियों ने अब इन्हें वितरित करने से मना कर दिया है।

चार पेज में प्रत्येक संसदीय क्षेत्र का ब्योरा 

संसदीय क्षेत्र के हिसाब से तैयार किए गए ब्रोशर में सबसे पहले रेल से संबंधित वि कास कार्यों का उल्लेख किया गया है। जोधपुर पहुंचे करीब 100 ब्रोशर में संसदीय क्षेत्र की जानकारी में उन विधानसभाओं का उल्लेख है, जो उसमें शामिल हैं। उसके बाद नई ट्रेन, ठहराव, विस्तार, लिफ्ट, एस्कलेटर, यात्री सुविधाओं की जानकारी है। आखिरी पेज पर पांच साल में रेलवे को लेकर हुए प्रमुख समारोह के फोटो लगाए गए हैं। 

यह है रेलवे की उपलब्धि की बुकलेट 

रेलवे ने भाजपा सरकार के विकास कार्यों का बखान करने के लिए 14 भाषाओं में 'न्यू इंडिया का इंजन' नाम से बुकलेट और न्यू रेलवे, न्यू राजस्थान जैसे ब्रोशर तैयार करवाए थे। 

 वितरण से पहले आचार संहिता लग गई 

 दिल्ली से यह बुकलेट प्राप्त हुई थी। हमने इन्हें तुरंत चारों मंडलों को भेज दिया था, लेकिन देर शाम को आचार संहिता लग गई। जिसके कारण यह बुकलेट वितरित नहीं हो पाई। -अभय शर्मा, मुख्य प्रवक्ता, उ-प. रेलवे जोन

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