बिहार : महागठबंधन में दरभंगा और मधुबनी सीटों को लेकर पेच फंसा

पटना। बिहार में लोकसभा चुनाव को लेकर राष्ट्रीय राजतांत्रिक गठबंधन (राजग) में सीट बंटवारे के बाद अब जहां उम्मीदवारों को लेकर माथपच्ची चल रही है, वहीं विपक्षी दलों के महागठबंधन में सीटों को लेकर तनातनी जारी है। महागठबंधन के घटक दलों के बीच दरभंगा और मधुबनी सीटों को लेकर पेच अभी फंसा हुआ है। 

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सूत्रों का कहना है कि राजद के आलाकमान की इच्छा है कि वह 21 सीटों पर चुनाव लड़े और कांग्रेस 8 सीट, उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोकसमता पार्टी (रालोसपा) 5, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) 3 और बाकी बची 3 सीटों पर विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) और वामपंथी दल अपने-अपने उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतारे। 

इस बीच, कांग्रेस ने चार दिन पूर्व ही बिहार प्रदेश चुनाव समिति की बैठक में 11 सीटों पर चुनाव लडऩे की घोषणा कर दी है। कांग्रेस के एक नेता ने नाम जाहिर न करने की शर्त पर कहा कि लालू प्रसाद की अनुपस्थिति में राजद के सर्वेसर्वा तेजस्वी यादव हैं। उनकी अति महत्वाकांक्षा के कारण स्थिति बिगड़ी है। एक ओर जहां वे सीट बंटवारे को लेकर ट्वीट कर नसीहत दे रहे हैं, वहीं अपनी सीटें कम करने को तैयार नहीं हैं, जबकि राष्ट्रीय पार्टी कांग्रेस की औकात 8 सीट पर तय की जा रही है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रेमचंद्र मिश्र कहते हैं कि कांग्रेस किसी भी दल के साथ सहयोग करने को तैयार है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस यह कभी नहीं चाहती कि उसके कारण गठबंधन टूटे। मिश्र ने हालांकि यह भी कहा कि कांग्रेस राष्ट्रीय पार्टी है और उसी आधार पर सीट बंटवारा भी होना चाहिए। सूत्रों का कहना है कि राजद और कांग्रेस में दरभंगा और मधुबनी को लेकर पेंच फंसा हुआ है। राजद दरभंगा से जहां अली अशरफ फातमी को लड़ाना चाहता है, वहीं कांग्रेस मौजूदा सांसद कीर्ति आजाद को उतारना चाहती है। 

इसी तरह कांग्रेस मधुबनी में शकील अहमद को तो राजद अब्दुल बारी सिद्दीकी को लड़ाना चाहती है। दरभंगा से विकासशील इंसान पार्टी के मुकेश सहनी ने भी दावा ठोका है। हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के प्रमुख जीतन राम मांझी भी पांच सीटें चाह रहे हैं। राजद उपाध्यक्ष शिवांनद तिवारी बिहार में अब कांग्रेस की हैसियत की बात करने लगे हैं। उन्होंने कहा कि आखिर कांग्रेस बिहार में 11 सीटों पर किस हैसियत से उम्मीदवार खड़ा करना चाहती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को 11 सीटों से कम पर मान जाना चाहिए।

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