लाखेरी और दबलाना बनने के बाद अब सात होगी पंचायत समिति की संख्या, अब 14 नई पंचायतें भी अस्तित्व में

इसके साथ ही 34 पंचायतों का पुनर्गठन, जिले में अब ग्राम पंचायतों की संख्या बढ़कर 197 हो जाएगी

बूंदी. लाखेरी और दबलाना को पंचायत समिति का दर्जा मिलेगा। पुनर्गठन के तहत लाखेरी को केशवरायपाटन पंस और दबलाना को हिंडाैली पंस से अलग कर नई पंचायत समिति बनाया गया है। इसके बाद अब जिले में 5 की बजाय 7 पंचायत समितियां हो जाएंगी।

केपाटन पंचायत समिति को तोड़कर लाखेरी और हिंडाैली पंस से दबलाना को अलग किया गया है। इसके साथ ही 14 नई ग्राम पंचायतें भी बनाई गई हैं। 34 पंचायतों का पुनर्गठन किया गया है। जिले में अब ग्राम पंचायतों की संख्या 183 से बढ़कर 197 हो जाएगी। पुनर्गठन के बाद अब केपाटन पंस में 25 पंचायतें और लाखेरी में 22 पंचायतें शामिल होंगी। पंचायत समितियों और ग्राम पंचायतों के पुनर्गठन प्रस्ताव तैयार हो चुके हैं, 29 अगस्त तक आपत्तियां-सुझाव दिए जा सकेंगे।

लाखेरी पंचायत समिित-केपाटन की 22 ग्राम पंचायतें को शामिल किया गया 

घाट का बराना, देईखेड़ा, गोहाटा, खरायता, उतराना, बड़ाखेड़ा, रैबारपुरा, नोताड़ा, बसवाड़ा, माखीदा, सखावदा, दौलतपुरा, चाणदाखुर्द, सुमेरगंजमंडी, मोहनपुरा, बलवन, बाबई, गुढ़ा, नवलपुरा व नई ग्राम पंचायत जयनगर को लाखेरी पंस में शामिल किया गया है।

केपाटन पं. स.-अब 25 ग्राम पंचायतें बची

चितावा, गुड़ली, लेसरदा, भीयां, माधोराजपुरा, सूनगर, रड़ी, चड़ी, सरसला, बालोद, अरनेठा, रोटेदा, करवाला, माहिजा, जलोदा, चरड़ाना, जयस्थल, करवाला की झोंपड़िया, झालीजी का बराना, बोरदा काछियान, गेंडोलीखुर्द, फोलाई, बलकासा, हिंगोनिया, आजंदा पंचायत ही हिंडोली में बची है।

दबलाना पंचायत समिित-हिंडाैली की 21 ग्राम पंचायतें शामिल किया गया

दबलाना, डाबेटा, बड़गांव, भवानीपुरा, रानीपुरा, सांवतगढ़, गोठड़ा, धोबड़ा, रूणीजा, छाबड़िया का नयागांव, रामचंद्रजी का खेड़ा, अलोद, चेता, सोरण, ढगारिया, दलेलपुरा ग्राम पंचायतें दबलाना में शामिल की गई हैं।

हिंडाैली पं. स.-अब 29 ग्राम पंचायतें बची

हिंडाैली, पगारा, रोशंदा, पेच की बावड़ी, टोंकड़ा, उमर, काचोदा, मेंढ़ी, मांगलीकलां, तलाबगांव, गुढ़ा, सहसपुरिया, बड़ानयागांव, सथूर, बड़ाैदिया, चतरगंज, बसाेली, ओवण, खेरखटा, नेगढ़, खीण्या, डाटूंदा, विजयगढ़, थाना, गोकुलपुरा, अमरत्या, अशोकनगर, दाता, बासनी ग्राम पंचायतें अब हिंडाैली पंस में बची हैं।

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