लोक सेवक का जवाबदेह होना बेहद जरूरी

-अतिरिक्त सचिव, केन्द्रीय प्रशासनिक सुधार विभाग

जयपुर। केन्द्रीय प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत के अतिरिक्त सचिव श्री वी.श्रीनिवास ने कहा कि लोक सेवक का जवाबदेह तथा परिणामोन्मुखी होना बेहद जरूरी है जिससे व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़े तथा आमजन की समस्याओं का निराकरण हो सके।

 

श्री श्रीनिवास शुुक्रवार को राजस्थान प्रशासनिक अधिकारी- बैच 2019 के फाउन्डेशन कोर्स में प्रशिक्षु अधिकारियों को हरिशचन्द्र माथुर राजस्थान राज्य लोक प्रशासन संस्थान में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने ‘21 वीं सदी में लोक सेवकों के सामने आने वाली चुनौतियों’ के विषय पर अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान युग डिजीटलाइजेशन का है ऎसे में लोक सेवकों को नवीनतम तकनीक को प्रयोग में लाते हुए अपने निर्णय लेने चाहिए। 

 

उन्होंने कहा कि विशेषकर राजस्थान में लोगों में लोक सेवकों के प्रति बेहद विश्वास है। उनका यह कर्तव्य है कि वे इस जिम्मेदारी पर खरा उतरें तथा आमजन की समस्याओं के प्रति संवेदनशील होकर त्वरित निर्णय लें। श्री श्रीनिवास ने कहा कि आज व्यवस्था अधिक पारदर्शी बन गयी है, लोक सेवकों में पारदर्शिता बढ़े तथा व्यवस्था में भ्रष्टाचार समाप्त किया जा सके इसके लिए कई अधिनियम बनाये गये हैं।

 

उन्होंने पूर्व मुख्य सचिव श्री एम.एल.मेहता को अपना आदर्श बताते हुए कहा कि वे उनके व्यक्तित्व से बेहद प्रभावित थे। श्री मेहता का मानना था कि जितना ज्यादा लोक सेवक क्षेत्र में कार्य करेंगे उतना ही वे आमजन की समस्याओं से अधिक रूबरू हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि लोक प्रशासन में जनता ही सर्वाेपरि होती है इसलिए सभी निर्णय जनता को ध्यान में रखते हुए लेने चाहिए।

 

इस अवसर पर एचसीएम, रीपा के निदेशक श्री अश्विनी भगत ने कहा कि लोक सेवक को कानून के दायरे में अपने निर्णय लेने चाहिए साथ ही निर्णय लेने के लिए अधिकतम डाटा का प्रयोग करना चाहिए। इस अवसर पर प्रशिक्षु अधिकारियों ने श्री श्रीनिवास से सवाल भी पूछे जिसका उन्होंने जवाब दिया। कार्यक्रम में आरएएस बैच- 2019 के सभी प्रशिक्षु अधिकारी तथा एचसीएम रीपा के संबधित अधिकारी मौजूद थे।

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