ऊंटपालकों और पशुपालकों को दी जा रही है प्रोत्साहन राशि- कृषि मंत्री

जयपुर।  कृषि मंत्री श्री लालचंद कटारिया ने शुक्रवार को विधानसभा में बताया कि प्रदेश भर में पिछले तीन वषोर्ं में 2510 ऊंट पालकों और 334 पशुपालकों को प्रोत्साहन राशि देकर लाभान्वित किया जा चुका है। श्री कटारिया प्रश्नकाल में इस सम्बन्ध में विधायकों द्वारा पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने बताया कि पूर्ववर्ती सरकार ने बजट में जयपुर डेयरी में ऊंटनी के दूध का केंद्र स्थापित करने के लिए 5 करोड़ रुपए की घोषणा की थी। भारत सरकार ने बीकानेर में नेशनल कैमल रिसर्च सेंटर खोला हुआ है। यह पूरे देश में एक मात्र ऎसा केंद्र है, जहां ऊंटनी का दूध इकट्ठा किया जाता है, पैक किया जाता है। यह दूध अनेक बीमारियों में कारगर है। 

 

इससे पहले विधायक  श्री हमीर सिंह भायल के मूल प्रश्न के जवाब में कृषि मंत्री ने देश में ऊंटों के संवर्धन एवं संरक्षण के साथ प्रदेश में ऊंटों के संवर्धन एवं संरक्षण के लिए संचालित योजनाओं  में बाड़मेर जिले के लाभान्वित ऊंट पालकों का विवरण  सदन के पटल पर रखा। उन्होंने बताया कि बाड़मेर जिले में वर्ष 2012 की पशु गणना अनुसार 43 हजार 172 ऊंट हैं। 

 

उन्होंने बताया कि ऊष्ट्रवंशीय पशुओं में रोग प्रतिरोधक  टीकाकरण संपादित नहीं किया जाता है, परन्तु तिबरसा या सर्रा रोग की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए सर्रा रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत सर्रा रोग से बचाव के लिए एन्टीसराल औषधियों का उपयोग किया जाता है। उन्होंने गत तीन वर्षों में बाड़मेर जिले में आयोजित सर्रा नियंत्रण शिविरों का स्थान एवं दिनांकवार विवरण और प्रदेश में  पशु पालकों के लिए संचालित योजनाओं का विवरण भी सदन की मेज पर रखा। 

 

श्री कटारिया ने बताया कि प्रदेश के समस्त अभावग्रस्त क्षेत्र में अभाव अवधि के दौरान पशुओं की सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन के सहयोग से आपदा  प्रबंधन एवं सहायता विभाग चारा डिपो एवं पशु शिविरों का आयोजन किया जाता है। उन्होंने बताया कि पशुपालन विभाग की पशुधन निःशुल्क आरोग्य योजना के अंतर्गत माह अगस्त, 2012 से पशु चिकित्सा संस्थाओं एवं पशु चिकित्सा शिविरों में बीमार ऊंटों का समय पर आवश्यकता अनुसार निःशुल्क उपचार किया जा रहा है।

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